Home विचार अरविंद केजरीवाल: भारतीय इतिहास का सबसे शातिर, धूर्त और निकम्मा नेता

अरविंद केजरीवाल: भारतीय इतिहास का सबसे शातिर, धूर्त और निकम्मा नेता

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अरविन्द केजरीवाल

कहते हैं कि शर्म को अगर बेचकर पैसे मिले तो बेशर्म और ग़ैर ज़िम्मेदार व्यक्ति वो भी कर देगा! ऐसे बहुत से उदाहरण हमें अपने आस पास मिल जाएंगे। पड़ोस में, कार्यालय में और कई सारे क्षेत्रों में आजकल ऐसे लोग बहुत मिल जाएंगे।

हमारे देश भारत में आम आदमी और पत्रकारों का सबसे प्रिय विषय रहा है राजनीति, वो बात और है कि आजकल राजनीति, केवल स्वार्थ और भ्रष्ट नीति बनकर रह गयी है।

आम आदमी से याद आया, हमारे देश में एक तेजी से उभरती हुई राजनीतिक पार्टी है जिसने अपनी धूर्तता, झूठ, मक्कारी और पाखंड में सबको पीछे छोड़ दिया।

आप पार्टी के नेता झूठ तो ऐसे बोलते हैं कि बड़े-बड़े ठग भी पानी मांगने लगे, भ्रष्टाचार ऐसा कि एक बार को लालू यादव भी असहज हो जाएंगे कि उनको कौन चुनौती देने आ रहा है।

रंग बदलने और पलटने में इनको नितीश कुमार से भी अच्छी महारत हासिल है। हम बात कर रहे हैं आज़ाद भारत के सबसे बड़े शातिर, धूर्त, अहंकारी और एहसान फरामोश राजनेता अरविन्द केरीवाल की।

भाई क्या कहने इन महाशय के बारे में अगर इनकी कारस्तानी बताने को आएं तो 7 साल से जो ये राजनीती में हैं वो भी कम पड़ जाएंगे।

अब तो लगता है की 2011 का अन्ना आंदोलन जो भ्रष्टाचार के खिलाफ के बड़ा जन आंदोलन था उसको अरविन्द ने सुनियोजित तरीके से हाईजैक कर लिया था।

आरोप भाजपा और आरएसएस पर लगा की इन्होने अन्ना आंदोलन को अपने कब्जे में कर दिया और अपने पक्ष में भुनाने के लिए कांग्रेस की सरकार गिराने का षड्यंत्र रचा। वो बात अलग है कि कांग्रेस की सरकार अपने घोटालों , भ्रष्टाचार और कुकर्मो की वजह से हारी।

मगर आप पार्टी ने तो ओछेपन और पाखंड की सीमा को भी पार कर दिया। अरविन्द ने कहा था कि राजनीती में कभी नहीं आएँगे अपने बच्चों की कसम खा कर वो भी पता नहीं कौन से नशे में कहा था।

कहते थे की लाल बत्ती वाली गाडी और बंगले नहीं लेंगे मगर अब सोच रहा हूँ कि वो नीली वैगनआर भी बेचारी पता नहीं कौन से कबाड़ में पड़ी होगी, अब तो सारे आप पार्टी के नेता विधायक सांसद सब वीआईपी हो चुके हैं,आम आदमी तो बस पार्टी का नाम रह गया है।

सभी लोग मिले हुए हैं जी, सब नेता चोर हैं जी। और खुद इनके जितेंदर तोमर एक नेता हैं जो फ़र्ज़ी डिग्री के आरोप में पकडे गए। एक नेता है सोमनाथ भारती, दिल्ली के लोगों को ज्ञान देते हैं और अपना घर नहीं सम्भाल पाए अपनी बीवी पर घरेलु हिंसा करने के आरोप उन पर भी लग चुके हैं। उनकी पत्नी लतिका जी का आरोप था की सोमनाथ भारती उनको कुत्तों से कटवाते थे और इसके साथ ही सोमनाथ भारती ने अपनी पत्नी को अपने बच्चों के साथ अकेला मरने को छोड़ दिया। ऐसे चरित्रवान नेता हैं अरविन्द की पार्टी में।

अमानतुल्लाह खान जैसे जेहादी मानसिकता वाले विधायक के तो क्या कहने जो रोहिंग्या घुसपैठ का समर्थन करता है और साथ ही साथ इस्लामिक कट्टरवाद को बढ़ावा देता है।

केजरीवाल अपने यू -टर्न के लिए काफी प्रसिद्द है और इसमें वो नितीश कुमार के समकक्ष नज़र आते हैं। स्वर्गीय अरुण जेटली पर आरोप लगाया, उसके बाद मानहानि केस के डर से अदालत में माफ़ी मांगी। विक्रम सिंह मजीठिया पर ड्रग्स का कारोबार करने को झूठे आरोप लगाए उसके लिए भी अदालत में माफ़ी मांग चुके हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर श्री नितिन गडकरी को भी इन्होने भारत के भ्रष्ट व्यक्तियों की लिस्ट में बताया था, गडकरी ने मानहानि का केस किया और उनसे भी केजरीवाल ने माफ़ी मांगी।

अब आते हैं केजरीवाल के घोटालों पर, केजरीवाल और उनकी पार्टी दावा करती है कि उन्होंने दिल्ली के लोगों को वर्ल्ड क्लास शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएँ दी है। मगर सच्चाई ये है कि उन्होंने सिर्फ 60 के लगभग स्कूल बनाए हैं और जो किसी विद्यालय में उन्होंने नए कमरे या कक्षाएं बनाई है उनको स्कूल का नाम दे दिया। यही नहीं जो स्कूल में टॉयलेट बनवाये उसको भी क्लासरूम में लिया।

इनकी वर्ल्ड क्लास हेल्थ योजना की पोल तभी खुल गयी जब इनके मोहल्ला क्लिनिक बिलकुल फ़ैल हो गए कोरोना महामारी को नियंत्रित करने में। दिल्ली में कोरोना से लगभग 26000 लोग मरे मगर मजाल है कि मुख्यमंत्री केजरवाल अपने कमरे से निकले हों और दिल्ली के लोगों के लिए कुछ किया हो।

करते कुछ हैं नहीं और श्रेय लेने आ जायेंगे जैसे कि इनसे बड़ा हितैषी कोई नहीं, कोर्ट ने जब इनको फटकार लगाई की ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी हो रही है और आप कुछ नहीं कर रहे हैं तो भी नींद से नहीं जागे। वो तो गनीमत है कि गृह मंत्री अमित शाह ने अपने हाथ में कमान ली उसके बाद स्थिति में सुधार आया।

देश कोरोना की मार से जूझ रहा था और इन भाई साहब को दिल्ली को दारू बाज बनाने से फुर्सत नहीं थी, मतलब एकदम गजबे है!

शराब नीति ऐसे बनाई की शराब के ठेके लेने वाली कंपनियों की चांदी हो गयी, उनमे से एक कंपनी ब्लैकलिस्टेड हैं फिर भी उन्हें ठेका दिया गया, ग्राहकों को भी सही मौज कराई, एक बोतल के साथ एक फ्री मिलने लगी, मतलब क्या ग़जब तकनीक है।

एक तरफ कहते हैं की हम बच्चो की शिक्षा के लिए बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं दूसरी तरफ शराब पीने की उम्र को 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष कर रहे हैं ताकि जो कॉलेज का बच्चा वहां न जाकर ठेके में अपना जीवन बर्बाद करे।

जैसे ही सीबीआई ने जांच करने की तैयारी की, अपनी तथाकथित प्रॉफिटेबल शराब नीति को हटाकर पुरानी नीति को वापस लागू कर दिया। हम ऐसे ही केजरीवाल को शातिर नहीं कहते। मुख्यमंत्री हैं मगर कोई विभाग का दायित्व नहीं लिया ताकि हस्ताक्षर न करना पड़े। मंत्री सत्येंद्र जैन मनी लांड्रिंग के मामले में जेल में हैं, मगर मजाल है जो उनको पद से हटाया हो हमारे नैतिकता की मूर्ती अरविन्द केजरीवाल जी ने। अब उनके खासमखास मनीष सिसोदिया पर घोटाले और जेल जाने की तलवार लटकी हुई तो फिर विधायको को खरीदने का ये नया आरोप।

अरविन्द ने अपने आपको बचाने के बहुत से तरीके खोज निकाले हैं, मगर किसी दिन उनके अपने ही पार्टी के नेता उनकी कमीज न फाड़ दे बस यही डर है, एक एक करके सबको निपटा रहे हैं केजरीवाल, मगर उनके खुद के नेताओं को ये समझ नहीं आ रहा, या समझ भी आ रहा है तो पता नहीं क्यों रुके हुए हैं। शराब घोटाला, क्लासरूम घोटाला, और भी बहुत से दुराचार हैं जो अरविन्द के आपने सुने होंगे।

ये दुनिया से सवाल कर सकते हैं और इनसे सवाल करो तो सीधे आपको बीजेपी एजेंट, गोदी मीडिया और पता नहीं क्या क्या बता देंगे, वो बात और है की दिल्ली के मीडिया इनसे सवाल नहीं करती बल्कि इनके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस सजाती है।

असली मुद्दों से आपका ध्यान भटकाने के लिए अब एक नया शिगूफा छेड़ा है कि हमारे विधायकों को बीजेपी खरीदने के ऑफर दे रही है, अरे भाई आरोप ही लगाओगे कि कोई सुबूत भी दोगे, शीला दीक्षित पर आरोप लगाने वाली फाइल तो अब कॉकरोच और चूहों का भोजन बन चुकी है।

कभी कहते हैं 5 करोड़ का ऑफर आया है कभी 20 करोड़ का और कभी कहते हैं बीजेपी 800 करोड़ खर्च करके हमरे 40 विधायक खरीदना चाहती है, इनका झूठ ऐसे है कि आदमी अपने सिर के बाल उखाड़ ले और कहे की आरोप वाले फर्जी बाबा जी कितना नीचे गिरोगे और कितना झूठ बोलोगे, वैसे दिल्ली की जनता को अब समझ आ रहा होगा की फ्री की बिजली और फ्री का पानी के चक्कर में उन्होने काफी मंहगा सौदा कर लिया है केजरीवाल को जिताकर।