लोगों ने दोस्त बनकर इम्तिहान लिया

लोगों ने दोस्त बनकर इम्तिहान लिया
तवज्जो नहीं दी तो परेशान किया

सोचते थे कि उनके कहने से तरीका बदल दूँ
उनकी ग़लतफहमियों ने बड़ा हैरान किया

खंजर सी चुभती हुई बदज़ुबानी करते हैं
मैने भी माफ़ करके एहसान किया

सोचा था की माफी से संभल जाएँगे
मगर अब बेगैरत इरादों को पहचान लिया

मैं तो सीधा सादा सा वजूद रखता था
बेशर्मी से मेरी शक्सियत को बदनाम किया

शराफ़त के नशे ने खोखला कर दिया
हमने भी अब जंग का ऐलान किया

माफी का सबब नहीं कि बदतमीज़ी भूल जाओ
अपनी हरकतों से रिश्तों को सुनसान किया

ग़लतियाँ दोहराने की गुंजाइश ख़तम है
सबक सिखाने का तरीका जान लिया

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सांझी बात एक विमर्श बूटी है जीवन के विभिन्न आयामों और परिस्थितियों की। अवलोकन कीजिए, मंथन कीजिए और रस लीजिए वृहत्तर अनुभवों का अपने आस पास।

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