समर्थ व्यक्ति वो नहीं जिसके पास अपार धन और वैभव है बल्कि समर्थ वो है जो आलोचना को स्वीकार करने का माद्दा रखता हो और वंचित लोगों की आवाज़ के साथ अपनी आवाज़ मिलाता हो
समर्थ व्यक्ति वो नहीं जिसके पास अपार धन और वैभव है बल्कि समर्थ वो है जो आलोचना को स्वीकार करने का माद्दा रखता हो और वंचित लोगों की आवाज़ के साथ अपनी आवाज़ मिलाता हो