ये किस्से तो कुछ अपने लगते हैं
ये किस्से तो कुछ अपने लगते हैं दूर बैठे जब वो हँसने लगते हैं रात
ये किस्से तो कुछ अपने लगते हैं दूर बैठे जब वो हँसने लगते हैं रात
मेघालय का मावल्यान्नॉंग गाँव, एशिया का सबसे स्वच्छ गाँव माना जाता है। सबसे स्वच्छ गाँव
मौलिकता अजेय है और नकल मान्यता प्राप्त करने का असफल प्रयास है
एक शाम बोझिल हुई एक रात भी बुझ गयी ये ज़िंदगी भी ना जाने क्यूँ
माहौल ख़ौफज़दा है और आँखें हिकारत करती है बेइंसाफी के दौर मे जब दुनिया नदारद
लोगों ने दोस्त बनकर इम्तिहान लिया तवज्जो नहीं दी तो परेशान किया सोचते थे कि
आज अचानक से कोई घबराहट है पता नहीं क्यों मायूसी की आहट है मैं तो
हममें से बहुत से लोग योग को किसी ऐसी चीज के रूप में देखते हैं,
मैं निर्मोही हो चला हूँ जीवन की समस्त यातनाओं का वृतांत सुनाने, मैं अपनी भाव
इस ज़माने की गर्द से हीरा तराशा है एक तेरी रूह सच है बाकी सब