होती है खामोशी जब खता अपनी हो

होती है खामोशी जब खता अपनी हो
इल्ज़ाम दूसरों पर हो तो हंगामा होता है

उसके ज़हन से ये बात उतरी नहीं अभी तक
कि इश्क़ मे कोई पागल नहीं दीवाना होता है

अब आँखों से इश्क का इज़हार नहीं होता
उसे तो घुटनो मे बैठकर जताना होता है

इंसान की तरक्की से इंसान ही खुश नहीं
सबको तो दूसरों को नीचा दिखाना होता है

हसरत तो ज़िंदगी भर साथ रहने की है
मरने-मारने का दावा तो बहाना होता है

लोग आपकी तारीफ भी तानों से करते है
मकसद उनका सिर्फ़ आपको गिराना होता है

कौन है जो ता-उम्र पाक साफ रहता है
एक दिन सभी को कीचड़ मे नहाना होता है

सबके गुरूर मिट्टी मे मिल जाते हैं यारों
खामँखा फिर लोगों को क्यों दिखाना होता है

जिसने कोशिश ही नहीं की उसको क्या कहें हम
समंदर में डूबकर ही खुद को पार कराना होता है

कुछ फैसले जिन्होंने मुझे केवल तकलीफ दी
उनकी ज़िम्मेदारी को खुद के कंधे पर चढ़ाना होता है

जानता हूँ कि अतीत में बहुत सी गलतियां हुई मुझसे
मगर उनसे सीख कर ही कोई सयाना होता है

कुँए में पड़े रहने वालों कभी नहीं जान पाएंगे
कि असली मज़ा तो सागर में लहराना होता है

नुक्सान और फायदे तो ज़िन्दगी के हिस्से हैं दोस्तों
मगर कोशिश को छोड़ना नहीं, दोहराना होता है

मेरी आदत नहीं कि दूसरों पर तोहमत लगाऊं
अपना फलसफा तो सबको हँसाना होता है

About the Author

admin

सांझी बात एक विमर्श बूटी है जीवन के विभिन्न आयामों और परिस्थितियों की। अवलोकन कीजिए, मंथन कीजिए और रस लीजिए वृहत्तर अनुभवों का अपने आस पास।

You may also like these