कुछ एहसास आज भी बाकी है
दिल के कोने में कुछ एहसास आज भी बाकी है कुछ ख्वाबों के मुकम्मल होने
दिल के कोने में कुछ एहसास आज भी बाकी है कुछ ख्वाबों के मुकम्मल होने
मिली है जो ज़िन्दगी बहुत खूबसूरत है, ख्वाहिशों से भरी हमारे दिल की मासूमियत है,
सपनो का एक अलग मुकाम होगा तेरी ज़िंदगी मे नया आसमान होगा कौन होगा जो
वो रास्ते, वो मंजिले, वो मुक़द्दर कहाँ, पहले जैसे अब कोई काफिले कहाँ, वो नूर,
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित एक छोटे गाँव अहिरीटोला में अजीत नाम का एक
पुराने दिनों में जहाँ यादें बसती हैं, जहां अतीत की फुसफुसाहट हमेशा के लिए सरक
तेजी से वैश्वीकरण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की विशेषता वाले युग में, वैदिक सनातन धर्म, इसके
जीवन की भी क्या विडंबना है कि काम और रोजगार के लिए आदमी को अपनी
ये इश्क़ भी बड़ा अजीब है जो दिल से दूर है उसके करीब है वो