आशाएं
आशा एक———– विविध प्रकाशों की किरण है अंधकार से नहीं तुलना इसकी अधीनता नहीं स्वीकार
मुश्किलों से भरी राहों को पार करके दृढ संकल्प की सीमा को तैयार करके गतिशील
साल 2021 आ चुका है…यह साल हम सबके लिए कैसा होगा यह भविष्य के गर्भ
ये राहें अंजान नहीं है यूँ ही मै इसमें नजर बंद करके चलना चाहता हूँ
बदले है घर के परिवेश बढ़ रहे हर जगह है क्लेश हो रहा है क्यों
सरकार की तरफ से किसानों को लिखित गारंटी देने का भरोसा दिया गया है कि
चल उस जगह जहाँ सपनो को आकार मिले यूँ घुटे हुए अरमानो को आवाज़ मिले
गौर भी करें तो किस किस पर करें सब यहां मगन हैं अपने ही हाल