आप नेता संजय सिंह ने ज़मानत की शर्तों का किया उल्लंघन : क्या फिर जेल जाएंगे संजय सिंह? क्या होगा कोर्ट का फैसला?

Sanjay Singh and Arvind Kejriwal

जिस दिन से आम आदमी पार्टी और उसके संयोजक केजरीवाल ने दिल्ली की सत्ता संभाली है, उसी दिन से इन लोगों के लक्षण साफ़ दिख गए थे की ये लोग अराजक और संविधान विरोधी है।

ये लोग जो दूसरों पर आरोप लगाते हैं वही काम ये स्वयं करते हैं। शराब घोटाले के आरोप में मुख्य साजिशकर्ता दिल्ली के बेशर्म मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के हरकतों से पता चलता है की वो सबसे बड़े झूठे, नौटंकीबाज, और बिना साक्ष्य को क़ानून के धत्ता बताने वाले सबसे शातिर राजनेता है।

केजरीवाल ने सबसे बड़ा अपराध सिर्फ शराब घोटाला नहीं किया बल्कि इसके खालिस्तानियों से भी सम्बन्ध हैं जो जगजाहिर हो चुका है। इनके सारे नेता बेशर्म बद्तमीज, कुतर्क करने वाले, और झूठ बोलने में सबसे आगे हैं।

इनको सिर्फ आरोप लगाना आता है। सबसे बद्तमीज और घटिया नेता जो अरविन्द की पार्टी का है वो है – संजय सिंह जो अभी फिलहाल में राज्य सभा संसद बने है। कोर्ट में अपनी ज़मानत के लिए गिड़गिड़ा रहे थे, और नाटक कर रहे थे व्हील चेयर में स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानी है। कोर्ट ने ED से पूछा कि क्या आप संजय सिंह की ज़मानत का विरोध करते हैं मगर कोर्ट ने कहा की हमने इनका चार्जशीट तैयार कर ली है और अभी हमें इनकी कोई आवशयकता नहीं है, तो हम ज़मानत का विरोध नहीं करेंगे।

मगर साथ ही साथ ED ने कोर्ट से यह अपील की थी कि संजय सिंह को ज़मानत शर्तों पर दी जाए। कोर्ट ने उन पर शर्तें लगाई जैसे उनको पासपोर्ट जमा करना होगा, कहीं भी जाना होगा दिल्ली एनसीआर में तो अपने फ़ोन का लोकेशन खुला रखना होगा, शराब घोटाले से सम्बंधित किसी तरह का बयान नहीं देना होगा।

मगर संजय सिंह जैसे मक्कार, झूठे, और कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति ने जेल से आते ही अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। शराब घोटाले के ऊपर प्रेस कॉन्फ्रेंस की फिर से वही आरोप लगाए की भाजपा ने घोटाला किया है। मगर दिल्ली की दलाल मेनस्ट्रीम मीडिया में इतनी हिम्मत नहीं कि संजय सिंह पूछे कि…. कोर्ट में फिर क्यों नहीं कहा ये, क्या सबूत हैं इसके, क्या सिर्फ हवा में बातें होंगी। बिकी हुई मीडिया के अंदर इतना भी साहस नहीं कि पूछ सके संजय सिंह से कि आपको ज़मानत तो केस की मेरिट पर नहीं मिली है और न ही आपकी ज़मानत किसी के लिए नजीर हो सकती है, वो तो ज़मानत का विरोध ED ने नहीं किया इसलिए आपकी ज़मानत हुई। खैर! जेल जाते ही जो नेता मेमने की तरह अपनी झूठी बिमारी का नाटक कर रहा था जेल से आते ही उसने गाडी में अपने मक्कारी का पूरा खेल दिखाया। अब न्यायलय को देखना होगा कि इस व्यक्ति ने खुले आम कोर्ट की अवमानना कि है तो क्यों न इसकी ज़मानत रद्द की जाए, देखते हैं आगे क्या होता है, हम पूरी आशा के साथ कोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा करेंगे और हमें भरोसा है कि संजय सिंह और पूरी आम आदमी पार्टी की देशद्रोही गतिविधियों के खिलाफ पूरा देश एक जुट होगा और न्यायपालिका इनको कठोर सजा देगी। इंतजार कीजिये….

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