प्यार में तेरे गजब हो गया
प्यार में तेरे गजब हो गया मैं सिर्फ तेरी निगाहों में खो गया मुझसे न
प्यार में तेरे गजब हो गया मैं सिर्फ तेरी निगाहों में खो गया मुझसे न
प्यार की हद नहीं है, तुम इतना समझ लो कि मैंने दिल से किया और
कद्र कोई करता नहीं इन गजलों की यारों सब खिल्ली उड़ाने का जरिया समझते हैं
दिल करता है खोजबीन कि कुछ मिल जाए सुकून न सही मंजिल ही मिल जाए
जुगनू हूं रात में गश्त लगाता हूं अपनी हैसियत के हिसाब से जगमगाता हूं मेरी
मैं झूठे आरोपों और बरगलाने के लिए आता हूँ मैं खानदानी डकैतों को किसान बताता
पेट की तड़प मिटाने को मैं घर से निकल आया लेकिन इस शहर का पानी
अपने हुनर और मेहनत की बदौलत सब कुछ पाउँगा एक दिन अपने इरादों में ज़रूर
सुन रहे हो तुम? उन सूखी पत्तियों की सरसराहट जो बसंती बयार का इंतज़ार करते
रब ने दिया है सबको बराबर मौका वो इंसान पर है कि कैसे ज़िन्दगी सँवारे