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दिल एक सुकून
साहित्य

दिल एक सुकून

September 4, 2020
दिल एक सुकून की तलाश में रहता है अपना हाल-ए-दिल सबसे कहता है पांव टिकते नहीं जो थोड़ी ख़ुशी मिली
साँझ का एक टुकड़ा
साहित्य

साँझ का एक टुकड़ा

August 31, 2020
टूटी हुई शाखें दरख़्त के मायने तलाशती हैं बिखरी हुई पत्तियां मिटटी के घरोंदे सजाती है कभी जो अनजाने में
इस छोर पर ज़िन्दगी खड़ी है
साहित्य

इस छोर पर ज़िन्दगी खड़ी है

August 28, 2020
इस छोर पर ज़िन्दगी खड़ी है कई इरादे दिल में लिए सुस्ती का कुछ ऐसा नशा है कि बिस्तर से
कोई फर्क नहीं पड़ता
साहित्य

कोई फर्क नहीं पड़ता

August 26, 2020
पहले लगता था कि कोई नाराज़ है यकीन मानो अब कोई फर्क नहीं पड़ता। दिल के दरवाजों में अब कुण्डी
क्यों हो रहा है निराश
साहित्य

क्यों हो रहा है निराश

August 18, 2020
उठ! क्यों हो रहा है निराश अब मत हो तू इतना हताश जीवन अभी बहुत पड़ा है क्यों जीवन से
राम मन में हैं मेरे
साहित्य

राम मन में हैं मेरे

August 12, 2020
राम मन में हैं मेरे राम जीवन हैं मेरे राम की महिमा निराली राम नस नस में बसे आज मेरे
ज़िन्दगी खुलकर जिया जाए
साहित्य

ज़िन्दगी खुलकर जिया जाए

August 9, 2020
मौत की दस्तक का ऐसा है आलम कि फूली हुई सांस का जायजा लिया जाए। कहानी बेलौस है कि छूटती
मैं कहानी कहना चाहता हूं
साहित्य

मैं कहानी कहना चाहता हूं

May 3, 2020
मैं दूर गई यादों की झांकी को बताना चाहता हूं मैं कहानी कहना चाहता हूं शहर भी अपनी मौज मस्ती
उम्मीद की लौ एक नया दीया जलाती है
साहित्य

उम्मीद की लौ एक नया दीया जलाती है

April 26, 2020
कभी कुछ सोंचूं तो याद बह जाती है मेरे सिरहाने में आने से नींद कतराती है। आँख का धुंआ राख
ये धूप चटक होती है
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ये धूप चटक होती है

April 12, 2020
ये धूप चटक होती है यूं सर्द गरम होती है अब शाम की फुहारों में दिन रात जलन होती है
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