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होश खो रहे हैं
साहित्य

होश खो रहे हैं

March 14, 2022
होश खो रहे हैं हम उनको कुछ फ़िक्र नहीं है क्या प्यार है ये, या कोई चेहरा लगा है दुख
सिंहासन वही है जिसमे भगवाधारी आए हैं
साहित्य

सिंहासन वही है जिसमे भगवाधारी आए हैं

March 12, 2022
जिनके कदमों ने हिम्मत की है बढ़ने की फिर मंजिलों के निशान मिल ही जाते हैं श्रीराम और भारत माता
बिखरे पन्ने… भाग -2
साहित्य

बिखरे पन्ने… भाग -2

March 6, 2022
दुनिया से लड़ता हूँ लेकिन, खुद के दिल को कैसे मनाऊं बेगानी रूखी रातों में, साँसों को कैसे भरमाऊं बहरहाल
जब आप संकल्प लेते हैं
सुविचार

जब आप संकल्प लेते हैं

March 5, 2022
जब आप संकल्प लेते हैं तो आप आधी जीत तभी पूरी कर लेते हैं और बाकी का काम उस संकल्प
प्यार में तेरे गजब हो गया
साहित्य

प्यार में तेरे गजब हो गया

March 5, 2022
प्यार में तेरे गजब हो गया मैं सिर्फ तेरी निगाहों में खो गया मुझसे न पूछ हाल मेरा क्या जब
कुछ कच्चा पक्का लगता है
साहित्य

कुछ कच्चा पक्का लगता है

February 27, 2022
प्यार की हद नहीं है, तुम इतना समझ लो कि मैंने दिल से किया और तुम्हारा कुछ कच्चा पक्का लगता
कद्र कोई करता नहीं इन गजलों की यारों
साहित्य

कद्र कोई करता नहीं इन गजलों की यारों

February 6, 2022
कद्र कोई करता नहीं इन गजलों की यारों सब खिल्ली उड़ाने का जरिया समझते हैं मैं अगर उनसे प्रेम से
दिल करता है खोजबीन कि कुछ मिल जाए
साहित्य

दिल करता है खोजबीन कि कुछ मिल जाए

January 30, 2022
दिल करता है खोजबीन कि कुछ मिल जाए सुकून न सही मंजिल ही मिल जाए अपने दायरे में चंद सपने
जुगनू हूं रात में गश्त लगाता हूं
साहित्य

जुगनू हूं रात में गश्त लगाता हूं

January 22, 2022
जुगनू हूं रात में गश्त लगाता हूं अपनी हैसियत के हिसाब से जगमगाता हूं मेरी क्या बिसात होगी चांद के
अंधविरोध से देशविरोध तक
विचार , साहित्य

अंधविरोध से देशविरोध तक

January 18, 2022
मैं झूठे आरोपों और बरगलाने के लिए आता हूँ मैं खानदानी डकैतों को किसान बताता हूँ अंधविरोध के चक्कर में
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