संभलना जरा उस से नजरें बचाकर
संभलना जरा उस से नजरें बचाकर कहीं बेवकूफ ना बना दे खूबसूरती दिखा कर आंखों
संभलना जरा उस से नजरें बचाकर कहीं बेवकूफ ना बना दे खूबसूरती दिखा कर आंखों
खाक बड़ा था ये समंदर भी एक बूंद भी तिश्नगी इस से नहीं बुझी बढ़ाए
सांसें उखड़ रही रही हैं जिंदगी उजड़ रही हैं ना पैसे का रूवाब है ना
सांसे उखड़ रही है वक्त से पहले उम्र भी पहले ही खत्म हो रही है
वो ठिठुरता हुआ कूड़ा बीनता है सर्दी में उसे पता है कि भूख सर्दी से
कौन से शहर का तू बाशिंदा है मेरे घर में तो आजकल दंगा है बस
यूं किसकी फिराक में रहता है दिल रूह से रूबरू होता तो बाहर नहीं भटकता
मुश्किलों से भरी राहों को पार करके दृढ संकल्प की सीमा को तैयार करके गतिशील